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📅 दिनांक: 01 अप्रैल 2026
🚨 दसवें दिन हड़ताल और हुई तेज — पेयजल निगम व जल संस्थान भी शामिल, कैबिनेट मंत्री का मिला समर्थन, प्रदेशभर में विकास कार्य ठप
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज लगातार दसवें दिन और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप में जारी रही। आज पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अभियंताओं के भी हड़ताल में शामिल होने से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है और अभियंताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
अब इस हड़ताल का प्रभाव आम जनमानस पर भी पड़ने लगा है, जिससे शासन-प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
🏛️ कैबिनेट मंत्री का समर्थन, सकारात्मक आश्वासन
आज आंदोलन स्थल पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा जी स्वयं उपस्थित हुए और महासंघ के प्रतिनिधियों से विस्तृत वार्ता की। उन्होंने महासंघ की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन दिया।
महासंघ की ओर से उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें सभी लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा गया। मंत्री जी ने आश्वस्त किया कि इन मांगों पर शासन स्तर पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।
📍 रुड़की में जोरदार प्रदर्शन
रुड़की शाखा के अंतर्गत सिंचाई विभाग परिसर में बड़ी संख्या में अभियंताओं ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शासन की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इं० शोयब। जी द्वारा की गई, जबकि मंच संचालन ई० करेश अली जी द्वारा किया गया।
❗ आंदोलन और हुआ उग्र
शासन की लापरवाही के चलते महासंघ ने आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक करने का निर्णय लिया है। कई विभागीय बैठकों को स्थगित कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदेश में ग्रामीण निर्माण, जिला पंचायत, शहरी विकास, सिंचाई एवं राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्य पूरी तरह बाधित हो चुके हैं।
📢 महासंघ की कड़ी चेतावनी
महासंघ ने स्पष्ट किया कि—
📅 01 अप्रैल 2026 से आवश्यक सेवाओं से जुड़े अभियंता भी आंदोलन में शामिल हो चुके हैं।
👨‍💼 अधिशासी अभियंता एवं उच्च अधिकारी भी पूर्ण रूप से आंदोलन में सम्मिलित हो रहे हैं।
हड़ताल अवधि में सभी अभियंताओं की सहभागिता अनिवार्य की गई है। महासंघ के मूल मंत्र “एकता, संघर्ष, विजय” को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए सभी अभियंताओं को अपनी माप पुस्तिकाएँ कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 मुख्य मांगें
• वेतन विसंगतियों का शीघ्र समाधान
• 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान लागू करना
• 2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को 5400 ग्रेड पे का लाभ
• 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन बहाल करना
• पेयजल एवं जल संस्थान का एकीकरण एवं राजकीयकरण
• उच्च पदों पर पदोन्नति हेतु समानांतर कैडर का गठन
• बाहरी एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों पर रोक
• भारत सरकार के निर्देशानुसार कृषि अभियंत्रण निदेशालय की स्थापना
👥 व्यापक समर्थन
इस आंदोलन में लोक निर्माण, सिंचाई, कृषि, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, लघु सिंचाई, पेयजल निगम एवं जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में ई० गौरव त्यागी,ईo अमर सिंह, ई o विपिन सैनी , ई० अनुज सैनी, ई० नीटू, अनिल सैनी एवं श्रीमती स्वाति गुप्ता सहित अनेक अभियंताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आंदोलन को और अधिक तेज करने का आह्वान किया।
🔥 निष्कर्ष
कैबिनेट मंत्री के समर्थन एवं सकारात्मक आश्वासन के बावजूद महासंघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।

ईश्वर चंद संवाददाता सहारा टीवी

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