🚨 पंद्रहवें दिन ज्वालामुखी बनी हड़ताल — गरजा अभियंता, झुकेगा शासन! प्रदेशभर में कामकाज पूरी तरह ठप
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पंद्रहवें दिन एक प्रचंड जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। यह अब सिर्फ हड़ताल नहीं, बल्कि अपने हक, सम्मान और अस्तित्व की निर्णायक लड़ाई बन चुकी है—जिसमें हर अभियंता पूरे जोश और जज्बे के साथ मैदान में डटा हुआ है।
प्रदेशभर में अभियंताओं की ऐतिहासिक एकजुटता ने शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हर जिले, हर विभाग से एक ही हुंकार उठ रही है—
“अब नहीं झुकेंगे, हक लेकर रहेंगे!”
🔥 जोश का ज्वार — आंदोलन बना जनसैलाब
आज आंदोलन स्थल पर जोश, जुनून और आक्रोश का विस्फोट देखने को मिला। गूंजते नारों, लहराते हाथों और एकजुट भीड़ ने यह साफ कर दिया कि यह लड़ाई अब अपने चरम पर है।
🏛️ जनप्रतिनिधियों का खुला समर्थन — सरकार पर बढ़ता दबाव
जनप्रतिनिधियों का समर्थन अब आंदोलन को नई ताकत दे रहा है। कई जनप्रतिनिधि खुलकर अभियंताओं के साथ खड़े हैं, जिससे यह आंदोलन और भी प्रचंड हो गया है।
📍 आज का कार्यक्रम — नेतृत्व में जोश, मंच से हुंकार
आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर नेहा ठाकुर जी ने की, जिन्होंने अपने जोशीले संबोधन में स्पष्ट कहा—
“अब लड़ाई जीतकर ही दम लेंगे!”
मंच संचालन इंजीनियर प्रवेश चौधरी जी द्वारा ऊर्जावान अंदाज में किया गया, जिसने पूरे माहौल को जोश से भर दिया।
आज के कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी जी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। उन्होंने अभियंताओं की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें शासन तक मजबूती से पहुंचाने तथा सकारात्मक समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया, जिससे आंदोलन को और बल मिला।
👥 व्यापक समर्थन — हर वर्ग, हर साथी साथ में
इस आंदोलन को अब हर स्तर से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है।
Contractor Welfare Association Haridwar ने भी लिखित रूप में अपना पूर्ण समर्थन देते हुए अभियंताओं के इस संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े होने का ऐलान किया है।
यह समर्थन इस बात का प्रमाण है कि यह लड़ाई अब केवल अभियंताओं की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन चुकी है।

कार्यक्रम में ई० सोनिया धीमन, ई० स्वाति गुप्ता, ई० जिले सिंह, ई० अमित खट्टाना, ई० अक्षय शर्मा, ई० रविंद्र चौधरी, ई० प्रदीप कटारिया सहित अनेक अभियंताओं ने जोशीले विचार रखते हुए आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया।
❗ आर-पार की जंग — अब पीछे हटना नामुमकिन
महासंघ ने दो टूक ऐलान कर दिया है—
“या तो अधिकार मिलेंगे, या आंदोलन और प्रचंड होगा!”
प्रदेशभर में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और प्रशासनिक व्यवस्था दबाव में है। अब यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
📢 एकता की ताकत — जीत तय है
महासंघ ने सभी अभियंताओं से आह्वान किया है कि वे एकजुट रहें, डटे रहें और इस आंदोलन को और धार दें।
“एकता, संघर्ष, विजय” अब हर अभियंता का संकल्प बन चुका है।
🔥 निष्कर्ष: जीत तय — अब सरकार को झुकना ही होगा
अभियंताओं का उफनता जोश, अडिग एकता और बढ़ता जनसमर्थन यह साफ संकेत दे रहा है कि यह आंदोलन अब अपने अंतिम और निर्णायक पड़ाव पर है।
अब सरकार को झुकना ही होगा—क्योंकि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं, जीतकर ही थमेगा!
Ishwar Chand samvaddata Sahara TV
