छापा या 2027 की राजनीतिक सुपारी
मेरठ गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के शिक्षण संस्थानों पर छापा की खबर चल रही है उससे लगता है कि एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज का कद पार्टी और संगठन में प्रभावशाली है धर्मेंद्र भारद्वाज 2027 चुनाव में मेरठ शहर से विधानसभा के प्रबल दावेदार इस समय उनके शिक्षण संस्थानों पर छापा की खबर इस बात का इशारा करती है कि धर्मेंद्र भारद्वाज के राजनीतिक कैरियर की हत्या कर दी जाए


पार्टी के ही कुछ लोग और उनके साथ लगे विरोधी धर्मेंद्र भारद्वाज के मेरठ शहर में बढ़ते जनाआधार को देख कर काफी परेशान है और इसको पचा नहीं पा रहे हैं मेरठ की ऐतिहासिक चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी कभी मेरठ विश्वविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध थी निजी शिक्षण क्षेत्र 1995 में धर्मेंद्र भारद्वाज ने अपना कदम रखा और मेरठ में कई शिक्षण संस्थान खोलें जो आज भी पूरी तरह संचालित है मेरठ में निजी शिक्षा हब को पहचान दिलाने में धर्मेंद्र भारद्वाज की एक बड़ी पहचान रही उत्तराखंड बनने के बाद धर्मेंद्र भारद्वाज ने एक शिक्षण संस्थान नारसन में खोला तो उसके बाद उन्होंने एक निजी यूनिवर्सिटी बनाई अगर छापे की बात सही भी मानी जाए तो रुड़की के कई निजी शिक्षण संस्थान उस समय आरोप के घेरे में आए थे जो आज भी चल रहे हैं तो फिर अकेले धर्मेंद्र भारद्वाज ही निशाने पर क्यों आए क्या यह एक सोची समझी विरोधियों की चाल है आज पार्टी और संगठन में अपनी पहचान और जनाआधार वाले व्यक्ति हैं ऐतिहासिक मेरठ विश्वविद्यालय के कार्य समिति के सदस्य भी हैं

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