**महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), PVSM, UYSM, AVSM, VSM के कर-कमलों से पुस्तक “Educating a Generation: The K.D. Sharma Legacy” का विमोचन**
महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), PVSM, UYSM, AVSM, VSM के कर-कमलों द्वारा प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा द्वारा रचित पुस्तक **“Educating a Generation: The K.D. Sharma Legacy”** का गरिमामय विमोचन किया गया।
यह पुस्तक एक साधारण किसान परिवार में जन्मे ऐसे व्यक्तित्व की प्रेरणादायी जीवन-यात्रा को शब्दों में संजोने का प्रयास है, जिन्होंने **शिक्षा को अपने जीवन का सबसे सशक्त साधन** बनाया और संघर्षों को पार करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय ऊँचाइयाँ प्राप्त कीं। उन्होंने शिक्षा के अभाव से जूझ रहे बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश पहुँचाने तथा उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा देने के लिए अतुलनीय योगदान दिया। पुस्तक उनके संघर्ष, संकल्प, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान की प्रेरणादायी गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।
“Educating a Generation: The K.D. Sharma Legacy” केवल एक जीवन-कथा नहीं, बल्कि **शिक्षा की शक्ति, संघर्ष से सफलता तक की यात्रा और समाज के वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन की प्रेरणादायी कहानी** है। यह पुस्तक नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, शिक्षा और निरंतर प्रयास के माध्यम से जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा विगत एक दशक से **Motherhood University** के कुलपति के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और शैक्षणिक मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं और विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए हैं। प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा ने अपनी पुस्तक में श्री के.डी. शर्मा जी के विचार एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करते हुए विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दूरदर्शी प्रयासों के परिणामस्वरूप **दो विश्वविद्यालयों—महावीर विश्वविद्यालय एवं मदरहुड विश्वविद्यालय—की स्थापना** भी संभव हुई।
उन्होंने शिक्षा को समाज के सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए विशेष रूप से उन वर्गों और विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का प्रयास किया, जो शिक्षा के अवसरों से वंचित रह जाते थे। उनके इन अनुकरणीय प्रयासों ने न केवल क्षेत्र में शैक्षिक विकास को नई दिशा दी, बल्कि असंख्य विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त किया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका यह योगदान समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
ईश्वर चंद्र संवाददाता सहारा टीवी रुड़की उत्तराखंड

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