*रुड़की चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार सुनील को विभाग ने दी भावभीनी विदाई टीकम सिंह चौहान और धर्मेंद् कुमार हुए भावुक*

​रुड़की। चकबंदी विभाग रुड़की में वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएँ देने के बाद चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार सुनील के सेवानिवृत्त होने पर विभाग की ओर से एक भव्य एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें फूल-मालाएँ पहनाकर और उपहार देकर विदाई दी।

विदाई अभिनन्दन-पत्र

स्वनामधन्य श्री अनिल कुमार सुनिल, चकबन्दी अधिकारी का राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने पर हम चकबन्दी विभाग की हरिद्वार इकाई की ओर से हार्दिक अभिनन्दन करते है।

श्री अनिल कुमार सुनिल जी ने चकबन्दी विभाग के माध्यम से अपने जीवन के लगभग 30 वर्ष का समय राजकीय सेवा में व्यतीत किया। आपके द्वारा उत्तर प्रदेश में सेवा में बहुमूल्य काल भी जीया गया और वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में तेजी से बदलते परिवेश से भी सुन्दर सांगन्जस्य स्थापित किया गया।

श्री अनिल कुमार सुनिल जी का जन्म 30.09.1966 को मण्डल (गोपेश्वर), जिला चमोली गढ़वाल में हुआ। आपके पिता जी का नाम श्री विद्यानाथ सुनिल व आपकी माता जी का नाम श्रीमती शोभा रानी है। आपकी धर्मपत्नी का नाम श्रीमती वैशाली है। आपके परिवार में दो बहिने आशा व गीता तथा दो भाई श्री राजकिशोर व श्री सुशील, व एक पुत्र आदित्य, एक पुत्री नाही हैं आपकी प्रथम नियुक्ति सहायक चकबन्दी अधिकारी क्षेत्र-लक्सर ( जिला हरिद्वार) में 16.09.1997 में हुई थी। आपने अपने सेवाकाल में जनपद-हरिद्वार के विभिन्न सहायक चकबन्दी अधिकारी क्षेत्रों में अपनी सेवायें दी। इसके उपरान्त से आप जनपद हरिद्वार वर्तमान में चकबन्दी अधिकारी, हरिद्वार स्थान रुन्डकी के पद पर कार्यरत हैं इसके साथ ही आपने राजकीय व्यवस्था के तहत बन्दोबस्त अधिकारी बकबन्दी पद में भी अपनी सेवा का योगदान दिया गया। आप ने अपनी पूर्ण सेवा काल उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड में दी है।

माननीय अनिल कुमार सुनिल, जी ने अपने राम्पूर्ण सेवाकाल में केवल एक कुशल एवं कर्मठ अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक स्नेहिल अभिभावक, प्रेरणादायक मार्गदर्शक एवं सहृदय के रूप में विशेष स्थान बनाया है। आपका सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को सदैव अपनेपन का अनुभव कराता रहा। आपने सचैव सभी को समान सम्मान, सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान कर एक आदर्श कार्य संस्कृति का निर्माण किया। आपकी कार्यनिष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा मानवीय संवेदनशीलता हम सभी के लिए सदैव प्रेरणाश्रोत रहेगी। आपने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विवेक एवं सकारात्मक सोच के साथ विभाग को नई दिशा प्रदान की है। आपके संरक्षण में कार्य करना हम सभी के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय रहा है।

आपके द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्र में चकबन्ची योजना कियान्वयन हेतु चकबन्दी अधिनियम, चकबन्दी नियमावली एवम चकबन्दी के विभिन्न संवगों की सेवा नियमावली का आधारभूत स्वरूप तैयार किया गया। जिससे भविष्य में पर्वतीय क्षेत्रों में चकबन्दी का आगाज सम्भव हो पायेगा। इस ऐतिहासिक कार्य के लिये इन्हे उत्तराखण्ड राज्य में चकबन्दी, विशेष रूप से पर्वतीय चकबन्दी हेतु विशेष योगदान के लिये सदैव याद रखा जायेगा।

इनके द्वारा अपनी तीन दशको की सेवा अवधि में वार्षिक सेवा प्रविष्ठियों में अधिकतम प्रविष्ठियों से कार्य की श्रेणी ‘उत्कृष्ठ’ दर्शित की गयी है जो इनकी कार्य के प्रति समर्पण भावना का पोतक है और इसी अनुरूप इन्हे विभिन्न निर्वाचनो में, कांवड मेला, कुम्भ मेला जैसे विशिष्ट कार्यों में सराहनीय योगदान के लिये सम्मान पत्र तथा ‘विशिष्ट कार्मिक सम्मान से भी सुवासित किया गया है।

सेवानिवृत्ति केवल शासकीय सेवा का समापन है, आपके स्नेह, मार्गदर्शन और प्रेरणा की अपेक्षा के साथ चकबन्दी विभाग का समस्त परिवार आपके उज्जवल, स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता है। हमें पूर्ण विशवास है कि आपका स्नेह एवं आर्शीवाद भविष्य में भी हम सभी पर इसी प्रकार बना रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, पारिवारिक सुख-समृद्धि एवं निरन्तर यश प्रदान करें। आपके व्यक्तित्व की गरिमा, सादगी और आत्मीयता सदैव हमारे हृदयों में अमिट स्मृत्ति के रूप में अंकित रहेगी।

सेवानिवृत्ति की इस निर्मम परन्तु निश्चित विदा बेला पर नकबन्दी परिवार आपके अनुकरणीय आदर्शों के लिए आपको शत्-शत् नमन करता है और जीवन के उच्च आदशों के साथ अपने परिवार सहित सुखमय, शांतिमय और दीर्घ जीवन से परिपूर्ण होने की कामना करता है कि आपका आगत जीवन समाज के लिए अनुकरणीय आदर्श के रूप में दृश्यमान हो।

आपके स्नेह एंव सौहार्दपूर्ण व्यवहार के हम आजीवन आभारी रहेगें।
दिनांकः-30 सितम्बर, 2026
धर्मेन्द्र कुमार चकबंदी अधिकारी
एवं
टीकम सिंह चौलन) बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी,
हरिद्वार स्थान रुड़की।
समस्त चकबन्दी अधिकारी, समस्त सहायक चकबन्दी अधिकारी,
समस्त चकबन्दीकर्ता, चकबन्दी लेखपालगण, लिपिक संवर्ग, अनुरेखक संवर्ग, अनुसेवकगण
(समस्त चकबन्दी परिवार, जनपद-हरिद्वार, स्थान रूडकी ईकाई)

​समारोह को संबोधित करते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी टीकम सिंह चौहान ने अनिल कुमार सुनील के सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता उन्होंने कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ सभी कार्यों को अंजाम दिया है।। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान निष्ठा, ईमानदारी और कुशलता के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया है। इतना ही नहीं जनहित और चकबंदी से जुड़े जटिल मामलों को सुलझाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम मे सेवानिवृत्ति के बाद उनके सुखद, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की गई।​विदाई के इस भावुक क्षण पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी टीकम सिंह चौहान तथा चकबंदी अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उनके कार्यशैली की जमकर तारीफ की।

​विदाई समारोह में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी मौजूदगी रही। इस दौरान मुख्य रूप से
संजीव रावत, यज्ञ नारायण दुबे, वीरेंद्र सिंह,रविंद्र मोहन, मुकेश पुण्डीर, धीरज गोसाई, मोहम्मद अजरूद्दीन, कृष्ण पाल, रमेश यादव
​ पेशकार जयराज, महमूद कानूनगो, रविंद्र कुमार,रिया मौर्य, फतेह सिंह राणा, विनोद राणा, बंगाल सिंह, राजीव भारती सहित चकबंदी विभाग के कई अन्य कर्मचारी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।
ईश्वर चंद्र संवाददाता सहारा टीवी रुड़की उत्तराखंड

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