आँचल डेरी मे हवन पूजन भण्डारा कर मनाया विश्वकर्मा दिवस ।
दुग्ध उत्पादन वृद्धि और राष्ट्रीय समृद्धि का संकल्प कराया। प्रमोद कुमार -अध्यक्ष दुग्ध संघ ।
आंचल डेरी शिकारपुर मे विश्वकर्मा जयन्ती पर हरी सिंह को यजमान बनाकर पं सीताराम कोटनाला ने हवन पूजन किया । दुग्धशाला प्रभारी सहदेव सिंह पुण्डीर ने विश्वकर्मा जयती के महत्व को बताते हुए कहा कि कन्यासंकान्ति के दिन विश्वकर्मा जयन्ती को श्रम, कौशल और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण मे योगदान देने वालो का उत्सव दिवस है । विश्वकर्मा भगवान सृष्टि के प्रथम वास्तुकार एवं देवताओ के शिल्कार रहे । उन्होंने सतुयुग मे स्वर्गलोक , त्रेता में श्रीलंका, तथा द्वापर मे द्वारिका ,इन्दप्रस्त का निर्माण किया । परन्तु वर्तमान कलयुग कल कारखानो का युग है जो कर्म ही पूजा है कि भावना से साकार होगा। विश्वकर्मा पर्व हमे सन्देश देता है कि हर कार्य का महत्व है हर श्रमिक समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण है। इसलिए श्रमिको के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ,मुद्रा योजना, स्किल इण्डिया, MSME योजना, से कौ शल विकसित कर युवा आत्म निर्भर हो रहे। यह दिन सामुहिकता ,सहयोग और श्रम के महत्व को दर्शाता है। इस अवसर पर शकुन्तला देवी ,शक्ति, गोविन्द वर्णित ,रजनीश ,देवेन्द्र राकेश ,अमित ,दुष्यन्त, कुलदीप, रणजीत ,विक्रान्त, विनित, राजीव ,टिटू ,बलराम मनोज ,दिव्याशं , संजय ,पिन्टू ,अनिल विश्वास, शुभम ,उमेश, प्रशान्त उपस्थित रहे। भण्डारे का आयोजन किया गया । राकेश दिनेश सहदेव पुंडीर मौजूद रहे
ईश्वर चंद्र संवाददाता सहारा टीवी रुड़की उत्तराखंड
