*ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन*
निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में लाखों बिजली कर्मियों ने काम बन्द कर किया विरोध प्रदर्शन: बिल पारित करने की कोशिश हुई तो ‘लाइटनिंग स्ट्राइक’ की चेतावनी*
नई दिल्ली/लखनऊ। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि आज देश के सभी राज्यों में लाखों बिजली कर्मियों ने कार्य बन्द कर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास किया गया तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तत्काल कार्य बन्द कर ‘लाइटनिंग स्ट्राइक’ पर चले जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
उन्होंने बताया कि यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने तथा बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांगों को लेकर की गई है।
दुबे ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में भाग लिया। बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी के कारण यह हड़ताल स्वतंत्र भारत की ऐतिहासिक हड़तालों में शामिल हो गई है।

उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती तथा आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण भी शामिल है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन एवं टीबीसीबी के माध्यम से ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।
आज चेन्नई, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम, हैदराबाद, पुदुच्चेरी, नाशिक, नागपुर, मुंबई, जबलपुर, राजकोट, वडोदरा, रायपुर, रांची, कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, शिलांग, अगरतला, पटियाला, जम्मू, श्रीनगर, देहरादून, कोटा, हिसार, शिमला, लेह और लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने कार्यालयों से बाहर आकर जोरदार प्रदर्शन किया।
ईश्वर चंद्र संवाददाता सहारा टीवी
