*बाबा साहब का एक ही नारा शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो
नेताजी का जेब से मोबाइल तराशने के लिए उसने कितने दिन पहले योजना बनाई होगी इसके लिए, शिक्षित बनने, की जरूरत नहीं जरूरत थी केवल संगठित और भीड़ वाली मंच की उसके बाद बात आती है,संघर्ष की, जेब से मोबाइल तराशने की भी एक संघर्ष पूर्ण कला होती है जेब से मोबाइल निकलते समय अगर पकड़ा जाए तो भीड़ की मार से बचने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ेगा यह तो उस समय पता चलता है फिलहाल नेताजी सौहार्द संकल्प धरने से जब वापस अपने घर गए होंगे तो शाम तक लोगों को इसकी कहानी सुनाते रहे होंगे और शायद नींद भी नहीं आ पाएगी
भाजपा के ‘सौहार्द संकल्प धरने’ में जेबतराशों का धावा, कांग्रेसी हमला छोड़ नेताओं को ढूंढने पड़े अपने फोन*
रूड़की: भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरने’ में उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब एक ओर मंच से भाजपा नेता कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक बाण चला रहे थे, तो दूसरी ओर मंच के नीचे सक्रिय जेबकतरे कार्यकर्ताओं की जेबें ढीली करने में व्यस्त थे।कार्यक्रम में नेताओं के भाषणों का पारा तो चढ़ ही रहा था, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने बड़ी सफाई से नेताओं और कार्यकर्ताओं की जेबों पर हाथ साफ कर दिया।
जेबकतरे का शिकार हुए पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष व वर्तमान में अनुसूचित मोर्चा के जिला कार्यकारिणी सदस्य अलावलपुर गांव निवासी रूप सिंह भारती का चोरों ने बड़ी चालाकी से उनका कीमती मोबाइल फोन जेब से निकाल लिया। नारेबाजी के बीच जब रूप सिंह भारती ने फोन इस्तेमाल करने के लिए जेब में हाथ डाला, तो फोन गायब पाकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने आसपास के लोगों और कार्यकर्ताओं से पूछताछ की तथा काफी खोजबीन की, लेकिन मोबाइल का कोई सुराग नहीं लग सका। इस अप्रत्याशित घटना से वह काफी निराश और मायूस नजर आए।
धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस पर तीखे हमले बोलना और आपसी सौहार्द का सन्देश देना था लेकिन इस घटना ने धरने की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहां मंच पर बैठे दिग्गज नेता कांग्रेस की कमियां गिनाने में पूरी ताकत झोंक रहे थे, वहीं मंच के नीचे चोरों ने अपनी ‘सफाई’ से भाजपा खेमे को चिंता में डाल दिया।
